UP Board Exam 2026: 18 फरवरी से परीक्षा शुरू, इंटरमीडिएट में छात्राओं की संख्या में गिरावट

उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा का समय फिर से आ गया है। यूपी बोर्ड (UP Board Exam) के 2026 सत्र की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित होंगी। इस बार कुल परीक्षार्थियों की संख्या लगभग स्थिर रहने के बावजूद इंटरमीडिएट में छात्राओं की संख्या में noticeable गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव एवं परीक्षा से जुड़ी तैयारी, शेड्यूल और आंकड़ों का विश्लेषण इस लेख में विस्तार से करेंगे।

UP Board Exam 2026 की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं और तकरीबन 80% परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएँ सुरक्षित रूप से पहुँचाई जा चुकी हैं।


यूपी बोर्ड परीक्षा 2026: मुख्य जानकारी

परीक्षा अवधि:
• 18 फरवरी 2026 से 12 मार्च 2026 तक आयोजित
• हाईस्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) दोनों शामिल
• परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित की जा सकती हैं (जैसा की बोर्ड ने पिछले संस्करण में किया था)

पाठ्यक्रम और तैयारी:
• कक्षा 10 और 12 के लिए syllabus एवं date sheet पहले ही जारी की जा चुकी है
• Practical परीक्षाएँ जनवरी के अंतिम सप्ताह में सम्पन्न हो चुकी हैं


परीक्षा में कुल भाग लेने वाले विद्यार्थी: 2026

2026 सत्र के आधार पर इस बार कुल 25,76,082 परीक्षार्थी UP Board Intermediate (12वीं) परीक्षा में शामिल होंगे, जिसमें 12,07,726 छात्राएं हैं।

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2026 का छात्र-संख्या आंकड़ा (इंटरमीडिएट)

श्रेणीछात्रछात्राएंकुल परीक्षार्थी
संस्थागत13,14,00011,77,36424,91,373
व्यक्तिगत54,34530,36284,709
कुल13,68,34512,07,72625,76,082

यह स्पष्ट दर्शाता है कि कुल परीक्षार्थी संख्या स्थिर है, पर छात्राओं की हिस्सेदारी पिछले वर्षों की तुलना में कम है।


छात्रों और छात्राओं की संख्या – पिछली तुलना

नीचे पिछले कुछ वर्षों के UP Board Intermediate के आंकड़े दिए गए हैं:

वर्षकुल परीक्षार्थीछात्राएं
202025,86,33911,22,131
2021परीक्षा नहीं हुई
202224,10,97110,87,015
202327,68,18012,20,622
202425,78,00711,49,700
202527,05,00912,46,306
202625,76,08212,07,726

इन आंकड़ों से क्या संकेत मिलता है?
पिछले कुछ सत्रों में छात्राओं की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा गया है। विशेष रूप से 2025 में जब कुल छात्राओं की संख्या 12,46,306 थी, वहीं 2026 में यह गिरकर 12,07,726 रह गई है। यह लगभग 38,580 की गिरावट दर्शाता है।


क्यों घट रही है छात्राओं की संख्या?

आधिकारिक विवरण के अनुसार इस विषय पर अभी तक कोई कार्यालयी बयान नहीं आया है, लेकिन विश्लेषण से कुछ प्रमुख कारण सामने आते हैं:

  1. आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियाँ: कई छात्राएँ 12वीं के अंतिम साल में सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई जारी नहीं रख पाती हैं।
  2. शिक्षा प्रणाली में बदलाव: कुछ स्कूल या परिवार बेहतर कैरियर विकल्प की ओर छात्रों को उन्मुख कर रहे हैं, जिससे इंटरमीडिएट की संख्या प्रभावित हुई है।
  3. पंजीकरण और उपस्थिती में बदलाव: बोर्ड द्वारा attendance नियम में लचीलेपन के बावजूद कुछ छात्रों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिससे कुल संख्या प्रभावित हुई है।

परीक्षा केंद्र व संगठन

UP Board 2026 परीक्षा के लिए राज्य भर में 8033 से अधिक परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। ये केंद्र परीक्षा के निष्पक्ष संचालन और पर्याप्‍त संसाधनों के लिए चुने गए हैं।

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परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए QR-coded नियंत्रण और कैम्पस मॉनिटरिंग का प्रावधान रखा गया है ताकि परीक्षा में पारदर्शिता बनी रहे।


छात्रओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

• 75% attendance rule (पहले लागू) को हटाया गया है — अब कम attendance वाले छात्र भी परीक्षा में बैठ सकते हैं।
• एडमिट कार्ड यदि भूल भी जाएं तो पहचान दस्तावेज़ से परीक्षा में बैठने की छूट है।
• उत्तर पुस्तिकाओं में पैसे पाए जाने पर सख्त कार्रवाई, केंद्र निरीक्षक भी जिम्मेदार होंगे।


नतीजा और भविष्य की संभावनाएँ

UP Board Exam 2026 के आंकड़ों से स्पष्ट है कि कुल परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी लगभग स्थिर रहेंगे, पर इंटरमीडिएट स्तर पर छात्राओं की संख्या में गिरावट एक चिंता का विषय है। यह सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक परिवर्तनों का संकेत भी दे सकता है।

इस गिरावट का विश्लेषण भविष्य की शिक्षा नीति निर्धारण, छात्राओं की enrolment रणनीतियों और सामाजिक समर्थन प्रणालियों के सुदृढ़ीकरण के लिए अध्ययन का आधार हो सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 किस तारीख से शुरू होगी?
उत्तर: यूपी Board Exam 2026 18 फरवरी, 2026 से शुरू होगी और 12 मार्च, 2026 तक चलेगी।

प्रश्न: इस बार इंटरमीडिएट में छात्राओं की संख्या क्यों कम हुई?
उत्तर: इसका कारण सामाजिक – आर्थिक चुनौतियाँ और रजिस्ट्रेशन पैटर्न है, जो अध्ययन एवं enrolment आंकड़ों से संकेत मिलता है।

प्रश्न: क्या attendance معیار अब लागू है?
उत्तर: 75% attendance नियम को रद्द कर दिया गया है, सभी छात्र परीक्षा में बैठ सकते हैं।

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Anu Kapoor

Anu Kapoor is a research-driven content writer, specializing in Indian government schemes, Yojanas, and welfare programs for middle-class families. She simplifies complex policies using verified and official sources to deliver accurate, practical, and trustworthy information that helps readers make informed decisions.

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